प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को प्रयागराज कुंभ में त्रिवेणी संगम पर स्नान करने पहुंचे। प्रधानमंत्री SPG के विशेष सुरक्षा घेरे में रहते हैं। उनके लिए VVIP प्रोटोकॉल फॉलो किया जाता है। यानी PM के आने-जाने के दौरान इलाके में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री की करीब 2 घंटे की विजिट और संगम स्नान के दौरान मुख्य मेला क्षेत्र में न तो ट्रैफिक बदलना पड़ा और न ही आम लोगों का स्नान रोकना पड़ा।
29 जनवरी की भगदड़ के बाद मोदी के आने से आम लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए बेहद स्मार्ट प्रोटोकॉल बनाया गया।

प्रयागराज महाकुंभ में बुधवार सुबह 8 बजे तक करीब 42 लाख श्रद्धालु डुबकी लगा चुके थे। 4000 हेक्टेयर का मेला क्षेत्र 25 सेक्टर में बंटा है। यहां 41 घाट हैं, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। यहां मोदी के स्नान के लिए भी खास प्लान बनाया गया। वे स्टीमर से ही संगम के बीच मौजूद प्लेटफॉर्म पर पहुंचे और डुबकी लगाई। इसके बाद वहीं से अरैल घाट की तरफ लौट गए। इसलिए न रास्ते बंद करने पड़े और न घाट। आम लोग रोज की तरह स्नान करते रहे।

प्रधानमंत्री के आने-जाने का पूरा रास्ता यमुना पार के इलाके में था। जबकि मेला नदी के दूसरी ओर लगा हुआ है। सभी 13 अखाड़ों के पड़ाव भी उसी तरफ हैं। लिहाजा स्नान और दर्शन के लिए सभी श्रद्धालु वहीं मौजूद हैं। चूंकि प्रधानमंत्री दूसरी तरफ से आए, इसलिए उनके प्रोटोकॉल के लिए आम लोगों पर पाबंदियां नहीं लगाई गईं।
