उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू हो चुका है। इस ऐतिहासिक कदम के 9 दिनों के बाद लिव-इन में रह रहे 3 जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई किया है। गौरतलब है कि कानून लागू होने के बाद सभी कपल्स के पास एक महीने का समय है। जो रजिस्टर नहीं कराएगा, उसे 6 महीने तक की जेल की सजा हो सकती है।

यूसीसी विधेयक में विवाह और तलाक का पंजीकरण भी अनिवार्य कर दिया गया है, ऐसा नहीं करने पर संबंधित दंपत्ति को सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण न कराने पर भी कड़े प्रावधान हैं। यूसीसी के तहत लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चों को दंपत्ति का वैध बच्चा माना जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार 3 जोड़े यूसीसी कानून के तहत रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। ऐसा नहीं करा पाने वालों को 6 महीने की जेल या फिर 25 हजार जुर्माने का प्रावधान है।

दोनों ही सजा भी दी जा सकती है। तय सीमा के बाद रजिस्ट्रेशन कराए जाने पर एक हजार रुपये अतिरिक्त फीस भी लगाया जाएगा।
